भारत और श्रीलंका के बीच “मित्र शक्ति XI-2025” सैन्य अभ्यास पुणे में शुरू। दोनों सेनाएँ आतंकवाद-रोधी रणनीति और संयुक्त ऑपरेशन पर प्रशिक्षण लेंगी।
11 नम्बर 2025 भारत और श्रीलंका के बीच सैन्य संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से आज से “मित्र शक्ति XI-2025” संयुक्त सैन्य अभ्यास की शुरुआत हो गई है। यह अभ्यास भारतीय सेना और श्रीलंकाई सेना के बीच सैन्य कौशल, आतंकवाद-रोधी रणनीति और संयुक्त ऑपरेशन में सहयोग बढ़ाने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
यह अभ्यास भारत-श्रीलंका के बीच होने वाला 11वां संस्करण है, जो दोनों देशों के बीच विश्वास, पारदर्शिता और रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।
🇮🇳 अभ्यास का उद्देश्य
“मित्र शक्ति” का मुख्य उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल, अंतरसंचालन क्षमता (Interoperability) और आतंकवाद विरोधी अभियानों में संयुक्त प्रशिक्षण को मजबूत करना है।
इस वर्ष का अभ्यास मुख्य रूप से काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन, जंगल युद्ध (Jungle Warfare) और शहरी इलाकों में आतंकवाद से निपटने की रणनीतियों पर केंद्रित रहेगा।
अभ्यास का स्थान और अवधि
“मित्र शक्ति XI-2025” का आयोजन इस बार भारत के पुणे में स्थित एक सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में किया जा रहा है।
यह अभ्यास दो सप्ताह तक, यानी 11 नवंबर से 25 नवंबर 2025 तक चलेगा।
दोनों देशों की सेनाओं के करीब 120-120 सैनिक इसमें भाग ले रहे हैं।

प्रमुख गतिविधियाँ
अभ्यास के दौरान सैनिकों को विभिन्न परिस्थितियों में संयुक्त रूप से कार्रवाई करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:
- आतंकवादियों के ठिकानों पर संयुक्त सर्च और डेस्टॉय ऑपरेशन
- काउंटर इंसर्जेंसी ट्रेनिंग
- क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) तकनीक
- जंगल और पहाड़ी इलाकों में ऑपरेशन
- ड्रोन और आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल पर संयुक्त अभ्यास
सैन्य अधिकारियों के अनुसार, इस प्रशिक्षण से दोनों देशों के सैनिक एक-दूसरे की तकनीक, रणनीति और उपकरणों से परिचित होंगे, जिससे भविष्य में संयुक्त मिशनों में समन्वय और प्रभावशीलता बढ़ेगी। और पढ़े
भारत-श्रीलंका के बीच रक्षा सहयोग का इतिहास
भारत और श्रीलंका के बीच “मित्र शक्ति” अभ्यास की शुरुआत साल 2013 में हुई थी।
तब से यह अभ्यास हर साल बारी-बारी से भारत और श्रीलंका में आयोजित किया जाता है।
इसका उद्देश्य सिर्फ सैन्य प्रशिक्षण नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी भरोसा, दोस्ती और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देना भी है।
भारत, श्रीलंका के साथ रक्षा क्षेत्र में कई स्तरों पर सहयोग करता है —
जैसे:
- समुद्री सुरक्षा सहयोग (Maritime Security)
- मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR)
- रक्षा उपकरण और प्रशिक्षण सहयोग
“मित्र शक्ति” इसी व्यापक सहयोग का हिस्सा है, जो दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा को सुनिश्चित करने में योगदान देता है।
रणनीतिक महत्व
भारत और श्रीलंका दोनों हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण देश हैं।
यह क्षेत्र चीन की बढ़ती गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के कारण वैश्विक फोकस में है।
ऐसे में “मित्र शक्ति XI-2025” न केवल सैन्य दृष्टि से, बल्कि राजनयिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम है।
यह अभ्यास भारत की “Neighbourhood First Policy” और “Security and Growth for All in the Region (SAGAR)” पहल को भी मजबूती देता है।
महिलाओं की भागीदारी और आधुनिक तकनीक पर फोकस
इस वर्ष के संस्करण में पहली बार दोनों देशों की सेनाओं की महिला सैनिकों की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है।
साथ ही अभ्यास में ड्रोन, सिमुलेशन टेक्नोलॉजी और डिजिटल कमांड सिस्टम्स का भी उपयोग किया जाएगा।
इससे यह अभ्यास टेक्नोलॉजी-ड्रिवन आधुनिक युद्ध प्रशिक्षण का उदाहरण बनेगा।
अधिकारियों के बयान
भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा:
“मित्र शक्ति XI-2025 दोनों देशों के बीच मित्रता और सहयोग की भावना को और मजबूत करेगा। यह आतंकवाद विरोधी अभियानों में हमारी संयुक्त क्षमता को नए स्तर पर ले जाएगा।”
वहीं श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख ने कहा:
“भारत हमारा विश्वसनीय मित्र और रक्षा सहयोगी है। यह अभ्यास हमारी सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और आपसी विश्वास को गहराई देगा।” और जाने
निष्कर्ष
“मित्र शक्ति XI-2025” केवल एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि भारत और श्रीलंका के बीच साझे मूल्यों, विश्वास और शांति के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
यह अभ्यास दक्षिण एशिया में सहयोग, स्थिरता और आतंकवाद-रोधी प्रयासों को नई दिशा देगा।
दोनों देशों की सेनाओं की संयुक्त भागीदारी से यह स्पष्ट है कि भारत और श्रीलंका भविष्य में भी क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए साथ मिलकर काम करते रहेंगे।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. “मित्र शक्ति XI-2025” क्या है?
यह भारत और श्रीलंका की सेनाओं के बीच होने वाला संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो आतंकवाद-रोधी प्रशिक्षण पर केंद्रित है।
Q2. यह अभ्यास कहां आयोजित हो रहा है?
इस बार का आयोजन भारत के पुणे में किया जा रहा है।
Q3. यह अभ्यास कब तक चलेगा?
यह 11 नवंबर से 25 नवंबर 2025 तक चलेगा।
Q4. इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग और समन्वय बढ़ाना है।
